'भारत के उज्ज्व� भविष्य के निर्मा� मे� ब्रिटे� मद� कर सकता है और वह इसके लि� तैया� है'
सोमवार 25 दिसंबर 2014 को नई दिल्ली के ग्रे� बिजन� कॉनफ्रें� मे� ब्रिटि� उप-प्रधानमंत्री नि� क्ले� के अभिभाष� की अनूदित प्रतिलिपि।

उप-प्रधानमंत्री की भारत यात्रा के बारे मे� और जानकारी हासि� करें�
भारत का आवेग और ऊर्ज�
सम्मानित अतिथिग�, देवियो� और सज्जनों� विश्� बैंक के मुख्� अर्थशास्त्री कौशि� बस� भारत मे� होने वाले चह�-पह� को उसकी आर्थिक इंजन के पुनर्जीवन के स्वर के रू� मे� देखत� हैं।
उस ऊर्ज� और आवेग ने इस दे� को दुनिया मे� सबसे ते� गत� से वृद्धि करने वाली अर्थव्यवस्थाओं की श्रेणी मे� ला खड़� किया है� नई सरका� द्वारा निवे�, रोजगार और संवृद्धि पर फोकस करने के सा� ही भविष्य के लि� भारत की महत्वाकांक्षाए� और भी अधिक बड़ी हो गई हैं।
नरेन्द्र मोदी और बीजेपी के अभियान का नारा था ‘अच्छे दि� आन� वाले हैं’। मेरा आज का संदे� यही है कि ब्रिटे� भारत के उज्जवल भविष्य के निर्मा� मे� मद� कर सकता है और वह इसके लि� तैया� है�
ब्रिटे�-भारत सहभागिता
भारत को निवे� चाहि� � ब्रिटे� जी20 देशो� मे� सबसे बड़� निवेशक है और उसकी योजन� और भी बहुत कु� करने की है�
भारत को चाहि� अधिक व्यापा�: हमार� द्विपक्षी� व्यापा� 16 अर� पाउं� से अधिक है और लगातार बढ़ रह� है�
भारत को पूंजी की तलाश है: लंदन शह� दुनिया का प्रमुख वित्ती� केन्द्� है�
भारत का ध्या� अपनी अधिसंरचन� (इनफ्रास्ट्रक्च�) के आधुनिकीकर� पर है: इस� संभव करने के लि� ब्रिटे� के पा� निवे� है, विशेषज्ञता और अनुभ� है�
अंतत�, भारत को अपनी बढ़ती युवा जनसंख्या को सर्वोत्त� रोजगार दिलाने के लि� समुचित दक्षता से लै� करने की आवश्यकता है: भारत सरका� को इस कार्� मे� मद� के लि� ब्रिटे� के पा� विश्�-स्तरी� शिक्षा क्षेत्� है�
यह दौरा क्यो� महत्वपूर्ण है
इसीलि� तो मै� यहां आय� हू� � भारत मे� नई सरका� के गठ� के बा� प्रथ� ब्रिटि� व्यापा� प्रतिनिधिमंड� का नेतृत्� करते हुए।
अधिक रोजगार और संवृद्धि के एक सा� सृजन के लि� हम अपने दोनो� देशो� के बी� सशक्� संबंधो� का निर्मा� करना चाहत� हैं।
मेरे सा� दोनो� देशो� की अर्थव्यवस्थाओं के लि� शिक्षा, एयरोस्पे�, खाद्� और पे� तथ� रिटे� जैसे उच्च-महत्� वाले क्षेत्रो� की प्रमुख ब्रिटि� कंपनियों के प्रतिनिध� हैं।
वे या तो इस बाजा� मे� स्थापि� है� और आग� वे अपना विस्ता� चाहती है� या फि� उपलब्ध होने वाले स्वर्णिम अवसरों को प्रा� करने की आकांक्षा लि� यहां आए हैं।
शिक्षा
उदाहरण के लि�, ब्रिटे� की कु� प्रमुख विश्वविद्यालयो�, कॉलेजो� और शिक्षा प्रदाताओ� के भारत मे� पहले से कार्यालय स्थापि� है�: ये हर सा� हजारों भारती� छात्रो� को ब्रिटे� आन� के लि� आकर्षि� करते हैं।
जबकि भारत अपने खु� के शिक्षा क्षेत्� के विस्ता� की दिशा मे� अकादमि� और व्यावसायिक दोनो� स्तरों पर का� कर रह� है, अधिक से अधिक छात्� विनिमयों, संयुक्� शो� परियोजनाओं और शिक्षण सहभागिताओं के जरिए हम उन संबंधो� को मजबू� बनान� चाहत� हैं।
उदाहरण के लि�, आज ब्रिटे� की शिक्षा कंपनी ग्लोबल एजुकेश� मैनेजमें� ने व्यावसायिक प्रशिक्ष� उपलब्ध करान� हेतु एमिटी यूनिवर्सिटी के सा� एक महत्वपूर्ण नए समझौते पर हस्ताक्ष� कि� हैं।
जेनरेश�-यूके इंडिया
हम चाहत� है� कि हर को� जाने कि भारती� छात्रो� का ब्रिटे� मे� हार्दि� स्वागत है� और हम चाहत� है� अधिक से अधिक ब्रिटि� छात्� यहां आएं।
इसीलि� हम भारत के सा� 25,000 ब्रिटि� छात्रो� का संबं� विकसित करने के लि� अपना नय� जेनरेश�-यूके इंडिया कार्यक्र� शुरू कर रह� है� जिसस� उन्हें उनके संपूर्� जीवन मे� ला� मिलेगा और भविष्य मे� व्यावसायिक साझेदारी के निर्मा� मे� मद� मिलेगी�
यद� आपका व्यवसा� इसमे� शामि� होने को इच्छुक है तो कृपय� ब्रिटि� काउंसि� से संपर्क करें�
एयरोस्पे�
विश्� एयरोस्पे� उद्योग के प्रमुख खिलाड़ी के रू� मे� ब्रिटे� भारत को इस महत्वपूर्ण बाजा� मे� उसकी बढ़� मजबू� करने मे� भी सहायता कर सकता है�
हमार� एयरोस्पे� उद्योग� जिसमें रॉल्� रायस, बीएई सिस्टम्स एयरब� और कोभम तथ� ग्रु� रोड्�, रेनिशॉ जैसी छोटी कंपनियां और पैटन एय� जैसी लोजिस्टिक्� कंपनी� दुनिया मे� कु� सबसे प्रमुख एयरक्राफ्ट कंपोनेंट्स का उत्पाद� और आपूर्त� करता है�
दुनिया के आध� यात्री जे� ब्रिटे� मे� बन� डैनो� का इस्तेमाल करते हैं। हर 2.5 सेकेंड पर एक हवाई जहाज उड़ान भरता है जिसमें शक्तिशाली रॉल्�-रॉयस इंजन लग� होता है और संपूर्� ब्रिटे� की आपूर्त� श्रृंखला की प्रमुख कंपनियां यहां मेरे सा� है� जो भारती� कंपनियों के सा� मिलक� इन तकनीको� का और अधिक विका� करना चाहती हैं।
रिटे�
रिटे� के क्षेत्� मे� भी हम आग� बढ़ना चाहत� हैं। केवल 2 वर्षों के सम� मे� अनुमान किया जाता है कि भारत का आधुनिक रिटे� बाजा� 175 से 200 अर� डॉलर के बी� होगा जिसकी सालाना वृद्धि दर 25% होगी�
विश्�-विख्या� हा� स्ट्री� और लक्जरी ब्रांड्स जैसे पॉ� स्मि�, बर्बेरी, हैमलेज, डेबेनहम्� और बॉडी शॉ� के सा� ब्रिटे� भारत के उपभोक्ताओं को अत्याधुनिक, उच्च गुणवत्तायुक्� उत्पाद उपलब्ध करान� मे� मद� के लि� तैया� है�
इसलि�, आज मै� यह घोषण� करने मे� प्रसन्नत� का अनुभ� कर रह� हू� कि ब्रिटि� शू कंपनी पेवर्स भारत मे� 1 करोड़ पाउं� का निवे� करने जा रही है जिसक� तह� भारत मे� इसके स्टोर्� की संख्या 35 से बढ़कर 100 होगी और भारत तथ� ब्रिटे� मे� नए रोजगार पैदा होंगे।
ब्रिटे� मे� निवे�
लेकि� हमारी इस यात्रा का मकसद केवल ब्रिटि� कंपनियों को भारत लाना नही� है� हमार� उद्देश्य यह भी है कि अधिक से अधिक संख्या मे� भारत के उद्यमियो� को ब्रिटे� के खुले व्यावसायिक माहौ�, प्रतिस्पर्धी कर-व्यवस्था और लोचशी� कार्यब� का ला� मिले�
संपूर्� ईय� की तुलन� मे� ब्रिटे� अधिक भारती� निवे� आकर्षि� करता है: भारत की ते� वृद्धि वाली कई कंपनियां, जैसे टाटा, विप्रो और इनफोसि� ब्रिटे� मे� सफलतापूर्व� का� कर रही है� और उन्होंने पिछल� सा� 19 अर� पाउं� का ला� अर्जित किया�
हमार� लो�
एक अं� मे� यह हमार� लोगो� के बी� कायम निकट-संबंधो� तक पहुंचत� है� दुनिया भर मे� विदेशो� मे� रहने करने वाली दूसरी सबसे बड़ी भारती� प्रवासी जनसंख्या ब्रिटे� मे� निवा� करती है जिसस� हमार� दोनो� समाज के बी� संबं� कायम होते है� और इस पूरी यात्रा के दौरा� मै� भारती� निवे� के लि� ब्रिटे� के एक प्रमुख गंतव्य होने की बा� को बा�-बा� डंके की चो� पर दुहरात� रहूंगा�
अच्छ� दि� आन� वाले है�
आज यहां मौजू� हर ब्रिटि� कंपनी आपके सा� व्यवसा� करना चाहती है� ब्रिटि� सरका� उन्हें सहायता देने को कृतसंकल्� है जिसस� यह सुनिश्चि� होता है कि ब्रिटे� और भारत मे� हम अधिक रोजगार, विका� और समृद्ध भविष्य के लि� अपनी महत्वाकांक्षाओ� को साका� कर सकते हैं। अच्छ� दि� आन� वाले हैं।